Thursday, September 14, 2017

आर्य समाज विवाह के विच्‍छेद के लिए याचिका हिन्‍दू विवाह अधिनियम के तहत दायर होगी

Divorce Procedure of Arya Samaj Mandir Marriage under Hindu Marriage Act

हमारे इस ब्‍लॉग पर Indore, Madhya Pradesh, India से एक पाठक ने पूछा है कि आर्य समाज मंदिर में जाकर यदि शादी की गई है और शादी के बाद किसी कारण से पति-पत्‍नी में लंबे समय सेअनबन चल रही है तो उसमें तलाक किस प्रकार से होगा? 

तो सबसे पहले तो हमें ये स्‍पष्‍ट करना जरूरी है कि आर्य समाज मंदिर में जाकर की गई शादियों की क्‍या प्रास्थिति(Status) है। 
आर्य समाज मैरिज एक हिन्‍दू विवाह है और हिंदू विवाह अधिनियम इस पर पूरी तरह से लागू होता है और ऐसे विवाहों को हिंदू विधि के अंतर्गत एक वैध विवाह माना जाता है। 
इस प्रकार से विवाहित कोई जोड़ा यदि तलाक लेना चाहता है तो जाहिर सी बात है कि उसे इस अधिनियम के तहत ही कोर्ट में जाकर कानूनी कार्यवाही करनी होगी। पति या पत्‍नी दोनों में से यदि कोई एक पक्ष ही डाइवोर्स का इच्‍छुक है ऐसे में उसे धारा 13 में दिए गए आधारों में से कम से कम एक आधार अपनी याचिका में वर्णित करना होगा और उसे साबित करना होगा और यदि दोनों ही पक्षकार एक-दूसरे से अलग होना चाहते हैं तो उन्‍हें धारा 13बी के तहत पिटीशन लगानी होगी। तलाक के अलावा अन्‍य मामलों में भी ऐसे विवाहों पर हिंदू विधि ही लागू होगी। शादी के बाद आर्य समाज मंदिर एक प्रमाणपत्र भी देता है जो ऐसी शादियों को साबित करने के लिए एक मान्‍य दस्‍तावेज (Valid Document ) होता है। 

image source: visajourney.com

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